कुंभ मेला : सनातन संस्कृति का महासंगम - एक अद्वितीय यात्रा
भारत, एक ऐसा देश जहां संस्कृति और परंपरा हर सांस में बसती है। लेकिन क्या आपको पता है कि हमारे ही सनातन धर्म में ऐसा आयोजन होता है, जिसे पूरी दुनिया "The World's Largest Spiritual Gathering" कहती है? यह आयोजन है कुंभ मेला , एक ऐसा पर्व जो न केवल धार्मिक बल्कि आध्यात्मिक और वैज्ञानिक दृष्टि से भी अद्वितीय है। कुंभ मेला की पौराणिक कहानी कुंभ मेले की शुरुआत भारतीय पौराणिक कथा समुद्र मंथन से होती है। जब देवताओं (Devas) और असुरों (Asuras) ने अमृत (Nectar of Immortality) प्राप्त करने के लिए समुद्र मंथन किया, तो अमृत कलश (Pot of Nectar) से कुछ बूंदें चार जगहों पर गिरीं: हरिद्वार प्रयागराज (इलाहाबाद) उज्जैन नासिक यहीं से इन स्थानों का महत्व बढ़ा और ये आध्यात्मिक ऊर्जा से भरपूर तीर्थ स्थल बन गए। 12 साल का चक्र और 144 साल का महाकुंभ कुंभ मेला हर 12 साल में चार स्थानों पर आयोजित होता है, और इसका आयोजन खगोलीय घटनाओं पर आधारित होता है। जब गुरु (Jupiter) , सूर्य (Sun), और चंद्रमा (Moon)** विशेष राशियों में आते हैं, तो कुंभ का समय निर्धारित होता है। सबसे खास है 144 साल में एक बार होन...